विराट महागणपति महायज्ञ में यजमान बनकर पूर्ण लाभ उठायें
क्या आप कर्ज, व्यापारिक मंदी, नौकरी या धन संबंधित रुकावटों से परेशान हैं? विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी के इस पावन अनुष्ठान में अपने नाम व गोत्र से यजमान सेवा का संकल्प लें और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करें।
आप कैसे बुक करना चाहेंगे?
अपने लिए सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें।
क्या शामिल है
10 से 14 दिन में प्रसाद आपके घर पहुँच जाएगा। पूजा पूर्ण होने के बाद प्रसाद डिस्पैच किया जाएगा।
महायज्ञ में क्यों सम्मिलित हों?
कर्ज मुक्ति
व्यापार में लाभ
नौकरी में प्रमोशन
धन प्राप्ति
यजमान सेवा कैसे संपन्न होती है?
नाम व गोत्र संकल्प
ऑनलाइन फॉर्म या WhatsApp द्वारा नाम, गोत्र व मनोकामना दर्ज कराएँ।
वैदिक अनुष्ठान व आहुति
विद्वान ब्राह्मणों द्वारा यज्ञशाला में आपके नाम से आहुति दी जाती है।
WhatsApp वीडियो प्रमाण
संकल्प व आहुति का HD Video एवं फ़ोटो प्रमाण WhatsApp पर भेजा जाता है।
प्रसाद होम डिलीवरी
सिद्ध भस्म, रक्षासूत्र एवं प्रसाद आपके पते पर नि:शुल्क कुरियर किया जाता है।
महायज्ञ में आशीर्वाद प्रदान करने वाले गुरुजन
इस पावन अनुष्ठान को संत-महात्माओं एवं विद्वान आचार्यों का सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त है।
बालयोगी कट्टर स्वामी
श्रीमत परमहंस आश्रम,
टीकरमाफी, अमेठी
परम पूज्य तंत्रयोगी योगेश्वर सरकार
स्वामी वीरेन्द्र जी महराज
कामाख्या धाम, असम
विश्वविख्यात कथा व्यास
आचार्य प्रवर श्री देवव्रत जी महराज
तीर्थराज प्रयागराज
जगतगुरु आचार्य
देवमुरारी बापू
आचार्य श्री
ब्रह्मेश जी महाराज
अयोध्या
विराट महागणपति महायज्ञ के मुख्य लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री गणेश की उपासना शुभारंभ, मंगल, बुद्धि, विवेक और विघ्न-बाधाओं की शांति के लिए की जाती है। महायज्ञ में श्रद्धा और संकल्प के साथ परिवार, कार्य एवं सर्वमंगल की प्रार्थना की जाती है।
विघ्न-बाधाओं की शांति
मान्यता है कि भगवान गणेश की उपासना कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है — यही महायज्ञ का मूल भाव है।
सुख-समृद्धि की कामना
घर, परिवार और व्यवसाय में सुख, संपन्नता एवं उन्नति के लिए प्रार्थना की जाती है।
कार्य एवं व्यवसाय में सफलता
नए व्यापार, नौकरी या किसी शुभ कार्य की सफलता की कामना से गणपति पूजन किया जाता है।
बुद्धि एवं विवेक की वृद्धि
विद्यार्थी भी विद्या और एकाग्रता की कामना से गणेश जी की पूजा करते हैं।
घर में सकारात्मक वातावरण
सामूहिक मंत्रोच्चार, पूजा और हवन को वातावरण की शुद्धि से जोड़ा जाता है।
परिवार की मंगल-कामना
परिवार में सुख-शांति, आपसी सद्भाव और मंगल के लिए यज्ञ किया जाता है।
नकारात्मकता से मुक्ति
भय, चिंता और नकारात्मक भावों की शांति के लिए गणपति आराधना की जाती है।
मन की शांति व आध्यात्मिकता
मंत्र-जप, ध्यान और पूजा मानसिक शांति का अनुभव करा सकते हैं।
शुभ कार्यों में मंगल
विवाह, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्यों से पहले गणेश पूजन की विशेष परंपरा है।
सर्वमंगल की कामना
परिवार, समाज और विश्व के कल्याण की भावना से भी आहुति दी जाती है।
संकल्प व अनुशासन की प्रेरणा
नियमित पूजा श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन को मजबूत करती है।
अपनी इच्छा अनुसार विराट महागणपति महायज्ञ में सहयोग करें
सहयोग राशि अपनी श्रद्धा एवं इच्छा अनुसार चुनें।